माँ की संडास में चुदाई


XXX महाराष्ट्र के बारामती की एक सच्ची कहानी है. मेरे पापा चले जाने के बाद हमने वखार गोदाम भाड़े पर दिया जिस से हमारा घर आराम से चलता था.

मेने ग्रेजुएट किया था काम ढूंढ रहा था मैं और मेरी मम्मी हम दोनों ही थे. कुछ दिन पहले हमारे सामने एक कपल रहने आया, वह इंजीनियर था करिब ३५ की उमर का था, उसकी बीवी २५ की थी. शादी को करीब ५ साल हुए थे, हमारे कंपाउंड में सिर्फ दो ही घर थे और संडास कोमन था. मैं करीब २० साल का था.

मेरी मम्मी ३८ की थी उन्हें आ के कुछ ही दिन हुए थे, मैं उंहें भाई भाभी बोलता था भाभी दिखने में बहुत हॉट थी जवान मस्त थी. मैं भी कुछ कम नहीं था, उसे बार बार देखने की इच्छा होती थी.

एक बार में संडास गया था. तभी वह भी आई थी उसने मुझे अंदर जाते देखा. वह बाहर खड़ी रही. मैं अंदर से दरवाजे की गेप से उसे देखने लगा. उसकी साडी उसके बूब्स उसकी गांड देख के मेरा लौड़ा खड़ा हुआ, मैं मुठ मारने लगा था. और में ढीले धीरे अहह अहह भाभी आह्ह भाभी ऐसा चिल्लाने लगा और मुठ मारने लगा. मेरी वासना बढ़ने लगी. अब में लंड पर थूक लगाकर भाभी भाभी आह्ह उऔ उऔ भाभी एसा करते चिल्लाकर जोर जोर से मुठ मारने लगा.

थूक की वजह से पच पच की आवाज आने लगी. में खड़ा हुआ दरवाजे के एकदम पास खड़े होकर अंदर से उसे देख देख कर के आवाज करके मुठ मारने लगा.

उनकी हलचल से मैं समझ गया भाभी सुन रही है. उसे मालूम पड़ा की में उन्हें देख कर मुठ मार रहा हूं. मेरी हिम्मत बहुत बढ़ गई  धीरे धीरे उन्हें सुनने आये ऐसी आवाज़ से मैं चिल्लाने लगा भाभी भाभी मेरा लंड देखो कितना मोटा है, भाभी भाभी पच पच पच अह अह हू ई अय्य्स ह्श्स भाभी अहही सस्य स ह्य्य्स अह्ह्ह.

अब मेरा पानी निकलने का टाइम आया मैं चलाने लगा भाभी भाभी की बात क्या मस्त है भाभी ने कितनी हॉट है तू भाभी

और मैं पिचकारी मारी आह्ह औउ ई औऊ भाभी निकल गया और मैं शांत हुआ, दरवाजे पर बहुत सारा वीर्य उडाया था. मैंने कपड़े ठीक किए और बाहर आया. मैं भाभी को देखने लगा वो धीरे से मुस्कुराई और अंदर चली गई. उस दिन और रात मुझे नींद नहीं आई.

दूसरे दिन में वोच करने लगा कब वो निकलती है? जैसे कि देखा की वो संडास के लिए निकल रही है मैं जट से चला गया.

में संडास के दरवाजे के पास गया और पीछे मुड़कर देखा वह आ रही थी. उसने भी मुझे देखा मैं अंदर चला गया वह के दरवाजे के पास खड़ी रही और मैंने फिर लंड  बाहर निकाला और दरवाजे के पास खड़े होकर धीरे धीरे बोला भाभी आप कितनी सुंदर है.

और मुठ मारने लगा मेरा आवाज मेरी सिसकिया मेरा मुठ मारने का आवाज सब वो सुन रही थी पच पच पच पच आवाजें आ रही थी. मैं जोर जोर से मुट्ठ मार रहा था और अहह हां ऊ हां ही हहह औऊ अय्य्य ई इःह्ह अहह अग्ग्ग अह्ह्ह ओऊ ओह्ह  कर रहा था. अब मुझसे रहा नहीं गया मैं अंदर से बोला भाभी भाभी जी एक बार मेरे लंड को देखिए ना भाभी एकदम फिट हो जाएगा आपकी चूत में भाभी

आपको देख के मेरा लौड़ा खड़े ही रहता है. एक ही बार देखो ना भाभी प्लीज.. मैं कुछ नहीं करुंगा. भाभी मैं दरवाजा का हुक खोल रहा हूं आप थोड़ा सा अंदर झांक कर के देखिए प्लीज मैं कुछ नहीं करूंगा भाभी.

इतने में पहली बार मैंने भाभी का आवाज सुना, वह बोली नहीं मैं नहीं देखूंगी. उनकी आवाज सुनकर मैं पागल हुआ मैंने हुक खोला और गिडगिडाके भाभी को बोला भाभी प्लीज मैं कुछ नहीं करूँगा, सिर्फ एक बार मेरा लंड देखिए और मैंने दरवाजा थोड़ा सा खोला. भाभी ने अंदर देखा मेरे लंड को और मुझे देखकर जीभ बाहर निकाली और बोली बस देख लिया जल्दी बहार आइये, में खुशी से पागल हुआ.

और में कस कस के भाभी आह हहह औउ भाभी कर के मुठ मारने लगा, भाभी एक  बार प्लीज देखो आप क्या मस्त है भाभी, और एक बार सिर्फ, और भाभी ने फिर झांक कर देखा और बोली जल्दी कीजिए. मैं भाभी को देख देख कर मुठ मारने लगा और बोलने लगा.

भाभी अभी निकल जाएगा और थोड़ा टाइम देखीए प्लीज. भाभी बोली देख रही हूं निकालिए जल्दी. मेंने बोला भाभी थोड़ा सा दरवाजा के अंदर हाथ डालकर टच कीजिए ना तुरंत निकल जाएगा, प्लीज मैं कुछ नहीं करुंगा. सिर्फ हाथ लगाइए प्लीज भाभी और भाभी ने इधर उधर देखा और अंदर हाथ डाला और मेरा लंड दबाकर हाथ निकाला और बाहर से दरवाजा बंद किया..

मुझे बोली अभी जल्दी निकल कर बाहर आइए. मैं चिल्ला चिल्ला कर खुशी से मुठ मारकर सारा वीर्य दरवाजे पर उडाया और बाहर आया और भाभी को बोला भाभी शाम को ७ बजे आएगी कोई नहीं होता है. अँधेरा होता हे प्लीज़ आना. भाभी अन्दर चली गई पर मैं घर आया. सारा दिन वेट करता रहा कुछ लफड़ा तो नहीं करेगी और अंधेरा होने लगा ७  बजा, उनका दरवाजा खुल नहीं रहा था.

में खिड़की से बार बार देख रहा था मैं बहुत नर्वस हुआ था कि उनका दरवाजा खुल गया भाभी बाहर आई में जटके से पीछे के दरवाजे से संडास पहुंचा वह आ रही थी. मैं संडास में घुस गया वह दरवाजे के पास आई मैंने अंदर से आवाज दी भाभी आईये  ना अंदर भाभी बोली नहीं. मैंने दरवाजा थोड़ा खोल कर उनका हाथ पकड़ा और खिंचा, भाभी अंदर आई और बोली क्या कर रहे हो? तेरी मां को पता चलेगा तो? मैंने ज़टके से उसे बाहों में लिया, उसका किस करने लगा आह्ह औउ हहह भाभी.

भाभी क्या मस्त है आप.. भाभी का बूब्स दबाने लगा. भाभी बोली बस कर मैंने लंड  बाहर निकाला भाभी ने लंड मुठ मैं पकड़ा और मुठ मारने लगी. में बोला भाभी मुंह में लीजिए ना भाभी बोली नहीं मैं चिल्लाया लेना जल्दी और मैंने उसका मुह निचे चुबाया, भाभी ने लंड मुंह में लेकर चूसने लगी और मुझे देखने लगी.

मेने भाभी को उठाया, में भाभी की साड़ी ऊपर उठाने लगा भाभी विरोध करने लगी बोली में चूस के मुट्ठ मार कर निकालती हु, ऐसा मत करो नहीं तो मैं दोबारा नहीं आऊंगी. मैंने झट से  भाभी की चूत में उंगली डाली और बोला क्या गरम चूत हे तेरी.. मेंने पेटीकोट के साथ पूरी साड़ी ऊपर उठाते हुए उसकी गांड दबाकर उस को घोड़ी बनने को बोला और वह ना नहीं करने लगी..

वह बोली देखा सिर्फ टच करना अंदर नहीं ठुकना, मैंने खड़े खड़े उसका अंडर वियर साइड कर के पीछे से उसकी चूत पर लंड रखा दो हाथ उसके कमर में डालें और जैसे ही चूत में लंड घुसाने लगा भाभी चिल्लाने लगी, भैया भैया मैंने जोर का धक्का मारा मेरा पूरा लंड भाभी की चूत में घुस गया वह तड़पने लगी, चिल्लाने लगी.

आः औऊ ययय माआअ कितना मोटा है तेरा? और मैं दनादन उसे चोदता गया, जिंदगी में पहली बार मेरा लौड़ा किसी जवान औरत की चूत में घुसा था.

वह भी खुश थी, उसे भी २० साल का जवान तगड़ा लौड़ा मिला था और मैं दनादन शॉट मारने लगा, वह चिल्ला रहीं थी, साले कब निकलेगा तेरा पानी आह्ह आह औउ हहह अज्ज्ज कितना अंदर तक घुसा दिया तूने.. पहली बार ऐसा मस्त लौड़ा मिला है आह्ह औउ अहह अहह ई ओओओ ममं इई मर गई मर गई कितनी तगड़ा है रे..

मैंने स्पीड तेज की और उस की चूत में माल गिराया, वह भी मेरा हाथ दबाने लगी और सारा माल चूत में गिराया, हम उठे उसने मुझे बाहों में लिया मुझे चुम्मा और बोली साले अब रात भर नींद नहीं आएगी. क्या मस्त चोदता है तु? मेंने बोला भाभी रात को ११ बजे आओगी वो बोली कैसे? मैं बोला टॉयलेट के बहाने आना.

उसने मुझे किस किया और हम निकले. में बहुत खुश था रात ११ बजे मैं फिर संडास आया और उसका इंतजार करने लगा. वह आई है वो अंडरवेअर निकाल कर आई थी. उसकी चूत चूसने लगा उसने भी मेरा लंड चूसा और फिर चुदाई स्टार्ट हुई, बहुत देर तक मैंने उसे चोदा और कल शाम ७ बजे आने को कहा..

दुसरे दिन फिर ७ बजे मैंने उसे चोदा और रात ११ बजे फिर चुदाई हुई. तीसरे दिन फिर ७ बजे मैंने उसे चोदा और ११ बजे बुलाया, वह बोली मेरे हस्बेंड को डाउट आएगा. मैं बोला आज से हम रोज ७ बजे मिलेंगे. मैं बोला प्लीज इस रात आना उसे भी खुजली थी, वह बोली ठीक है. रात को ११ बजे आई, मैंने उसे फुल नंगा किया मैं भी एकदम नंगा हुआ हम एक दूसरे को बहुत दबाया चबाया चूसा और चोदा..

यह कहानी ही खत्म नहीं हुई दूसरी कहानी उसके हस्बेंड की जबान से सुनो, वह सोचने लगा.

मेरी बीवी तिन दिन से रोज रात ११ बजे टॉयलेट करने को जाती थी, उसे डाउट आया, जैसे ही वो चली गई उसने पीछा किया. मैंने देखा वह संडास में घुसी थी. अंदर लाइट जल रहा था बाहर अंधेरा था. वह दरवाजे के पास गया उसे आवाज आने लगी उसने झांक से देखा, हम दोनों एकदम नंगे थे और उसने देखा सामने वाला लड़का मेरी बीवी को चोद रहा था.

वह देखता ही रहा बहुत टाइम चुदाई चली. लंड अंदर बाहर अंदर बाहर हो रहा था वह समझ गया रोज रात को यह चुदवाने आती थी. उसका खून खौल गया उसका खून करने का मन कर रहा था पर अब रोक के फायदा भी नहीं था. कई बार उस साले ने मेरी बीवी की चूत में पानी गिराया था, ठीक है. उसके मन में विचार आया इसका बदला उसकी मां को चोदने से ही पूरा होगा.

वो जट से मेरी मां के पास आया और सब बातें बताई और बोला आपको झूठ लगता है तो चलो देखने. और वह उसे लेकर संडास के पास आया, अंदर से आवाज आई. आ अहः अहह आवाजे आ रही थी. मेरी मां और वह झांक के देख रहे थे, बड़ी जोर से चुदाई हो रही थी. उन की चुदाई देख के हम दोनों भी गरम हुए थे, मैंने उसकी मां का हाथ पकड़ा मेरे लंड पर दबाया और बोला भाभी जी आपके बेटे ने मेरी बीवी को चोदा है.

मैं उसे माफ करुंगा उसके बदले आप भी मुझे चांस दो  आपको भी ऐसे ही खुश करूँगा.  वह तैयार हुई बोली ठीक है कल कुछ करेंगे. और हम घर आ गए. दूसरे दिन उसने हम दोनों को घर बुलाया और बोला देखिए भाभी जी. आप तो अकेली रह सकती हैं. पर मेरी बीवी नहीं. मैं आज काम से बाहर जा रहा हूं. अगर आप का लड़का मेरे घर आज रात रहेगा, तो उसे सुकून मिलेगा.

वैसे भी यह दोनों भाई बहन जैसे हैं. वह बाहर सो जाएगा. यह सुनकर उसकी बीवी और मैं एक दूसरे को देखने लगे. उनकी खुशीया दिखाई देने लगी, और वह तैयार हुआ. करीब आठ बजे वो निकला, अब हम दोनों आजाद हुए थे. बेड पर नंगे होकर चुदाई का आनंद उठा रहे थे. वह करीब ९ बजे उसके घर आया मां ने दरवाजा खोला उसने उसे बाहों में लिया.

आज मां को भी अच्छा लगने लगा था. करीब ५ साल से उसने कभी चुदवाया नहीं था. वह उस को किस करने लगा. उसकी साड़ी नीचे उतारी उसके बूब्स चूसने लगा उसने लंड बाहर निकाला था, वह मुट्ठी में पकड़ कर हिला रही थी..

वो बोला लेना मुंह में, तेरे बेटे ने मेरी बीवी से बहुत चूसवाया था, मा भी उसका लंड  चूसने लगी. तब उसे भी अच्छा लगने लगा था. वह दोनों नंगे हुए वह मा की चूत चाटने लगा और माँ उसका लंड चाटने लगी.

उसने मां की चूत में लंड घुसाया कई सालों बाद मां की चूत में लंड घुसा था. माँ भी बहुत खुश हुई और कस कस के उससे चुदवाने लगी. इसी तरह  उनकी चुदाई चलती रही. यहां हम भी चुदाई का मजा लूट रहे थे. करीब ११ बजे मुझे डाउट आया, कोई देख तो नहीं रहा है. में उठा बाहर आया मैंने देखा हमारे घर का दरवाजा थोड़ा खुला लग रहा था. मैं जैसे ही दरवाजे के पास आ गया अंदर से आवाज आई आह्ह आह्ह औउ उःह ई अहह औऊ चोदो और चोदो आह्ह औऊ चोदो आवाज आने लगी.

में चुपके से अंदर गया देखा, वह मेरी मां को चोद रहा था. दोनों एकदम नंगे थे, मां भी जोर से चुदवा रही थी मैं समझ गया इसने हमारी चुदाई देखी होगी, इसमें मेरी मां को भी दिखाया होगा और उसे पटाया होगा. मां की चुदाई देखकर मैं वैसे भी खुश हुआ. मैं वापस गया और भाभी को सब बोला, वह भी देखने आई. उन दोनों की चुदाई देखने लगे. इतने में कुछ आवाज आई दोनों ने हमे देखा, माँ ने दोनों हाथों से मुंह छुपाया हो भाई साहब ने पजामा पहना और मुझे समझाने लगे.

देख जो होगा सो होगा तुझे भी मेरी बीवी को चोदने में मजा आता है. मे तेरी मां को खुश रखूंगा और फिर मैं उसकी बीवी को चोदते रहा, और वो मेरी मां को. कभी कभी तो हम चारो इकठ्ठा हो के चुदाई का आनंद लूटने लगे थे. अब कोई शर्म नहीं थी करीब २ महीने बाद भाभी उल्टियां करने लगी. हम सब खुश हुए अब वह करीब ६ महीने पेट से हुई थी.

तभी में उसे चोदता था की अचानक भाई साहब की ट्रांसफर हुई और चले गए. में और मेरी माँ दुखी हुए. अब मुझे रहा नहीं जा रहा था. माँ का भी वैसे ही हाल हुआ था अब मेरा माँ को चोदने का मन करने लगा था.

माँ भी समझ गई थी और मैंने प्लान बनाया. रोज सुबह मां मुझे उठाने आती थी, में लंड बाहर निकाल कर रखा लंड टन टना टन कर रहा था इतने में मां चाय लेकर अंदर आई. मेरा फनफनाता लंड देखने लगी. मा ने जैसे ही अपने हाथों से चाय निचे  रखा मैं मां का हाथ खींचने वाला था कि दरवाजे पर नॉक हुआ, माँ झटके से बाहर गयी.

मेने भी चेन बंद किया और बाहर आया. माँ ने दरवाजा खोला तो एक खट्टा कट्टा जवान आदमी बाहर खड़ा था, वह मां को ऊपर नीचे देखता रहा, माँ उसे देखने लगी. वह बोला भाभी जी हम आपके सामने रहने आए हैं. हमने उसे अंदर लिया. पहले वाले की जगह यह भी उसी कंपनी में इंजीनियर की पोस्ट से आया था. हम एक दूसरे का परिचय देने लगे. मैंने उसे बोला पर यह मकान सिर्फ शादीशुदा को ही देने का नियम है. वह मेरी मां की तरफ देख के बोला, मैं भी शादीशुदा हूं. कुछ दिन के बाद मेरी बीवी आएगी. रात को मैंने मां को बोला जब इसकी बीवी आएगी,

तो फिर हम वैसे ही को पटा के साथ साथ चुदाई करेंगे. यह आदमी पहले वाले से ज्यादा तगड़ा मस्त था पर मैं नहीं जानता था ऐसा होगा. अब मेरी माँ की जुबान से सुनो.

अब मेरी मां को चुदाई की लत लगी थी, अगर यह नहीं आता तो मेरे से भी चुदवाती, मेरे से भी बहुत तगड़ा मस्त आदमी था और मेरी मां ऊपर से बहुत ही लट्टू हुई थी. अब मैं सोचने लगी जैसे बेटे ने भाभी को पटाया था अगर मैं वैसा करूं, दूसरे दिन जब सामनेवाला संडास जाने निकला मैं सोया हुआ था.

मम्मी ने साड़ी बहुत नीचे खींची ब्लाउज के दो हुक खुले रखे और माँ उसके पीछे पीछे गयी, वह संडास में गया था, माँ बाहर खड़ी रही, वह अंदर से मां को देख रहा था. माँ का खुला बदन, मा की गांड, माँ के बूब देख के उसका लंड खड़ा हुआ और अंदर से मां को देख देख के मुठ मारने लगा अहह अहह औउ अहह हां अहह करने लगा. फिर शायद उसने लंड पर थूक लगाई अंदर से आवाज आने लगी पच पच पच अहह औउ हां ईई अह्ह्ह.

मां समझ गई वह अंदर से मुट्ठ मार रहा था. मा भी जानबूझकर कभी कभी साड़ी को इधर उधर करती, वह खड़ा होकर दरवाजे के पास आया और मुठ मारने लगा और उसने पिचकारी मारी.

थोड़ी देर बाद वह बाहर आया दरवाजे पर वीर्य गिरा हुआ था. माँ ने धीरे से स्माइल दे के टंकी से पानी लेके दरवाजे पर पानी मारा, और उसे देखकर अंदर गई, वो समझ गया था मां को मालूम पड़ा था वह उसे देख कर मुठ मार रहा था, पर वो कुछ बोली नहीं. शाम को उसे हमने चाय पर बुलाया और वह एक दूसरे को देखने लगे. मैंने उसे बोला जल्दी लाइए भाभी को और थोड़ा स्माइल दे के मां अन्दर चली गई, वो समझ गया, २ दिन के बाद फिर मौका वो सुबह सुबह संडास जाने निकला.

मां ने साड़ी नीचे खींची ट्रांसपरंट ब्लाउज पहना जिसमें से सब दिखाई दे और मां चली गई और संडास के बाहर खड़ी रही है. वह अंदर से मां को देख के पागल हुआ और दरवाजे के पास आ के धीरे धीरे चिल्ला चिल्ला के मुठ मारने लगा और अंदर से बोलने लगा.

भाभी क्या मस्त है आप भाभी मेरा लंड भी बहुत तगड़ा है. एक बार चांस दीजिए आपको खुश करूंगा, भाभी आह्ह अहह उऔउ अहह फच फच फ्च्ज अहह भाभी मैं कुछ नहीं करूंगा, प्लीज एक बार मेरा लंड देखिए प्लीज. मुझे उस में खुशी होगी. भाभी प्लीज़ देखिए ना भाभी. मैं दरवाजा थोड़ा खोल रहा हूं अहज उऔउ अह्ह्ह फच फच फच हहह औउ हहह प्लीज एक बार सिर्फ देखिए, मैं कुछ नहीं करूंगा. किसी को नहीं बोलूंगा. प्लीज भाभी मेरा लौड़ा पागल हुआ है आह्ह औउ हहह औउ इई पच पच पच  और उसने थोड़ा दरवाजा खोला, मां बोली बीवी को जल्दी बुलाइए मैं नहीं देखूंगी..

वह अंदर से चिल्लाने लगा आह्ह अहह हहह भाभी भाभी आपका आवाज सुनकर मेरा लंड पागल हुआ है प्लीज एक बार देखिये ना..

प्लीज भाभी जी प्लीज और उसने और थोड़ा दरवाजा खोला, माँ ने जाकर उसके लंड  की तरफ देखा और उसको देख के लिए बोला ऐसा मत कीजिए अब जल्दी कीजिए. वह बोला कि प्लीज भाभी पानी निकलने तक थोड़ा देखिए, अभी निकल जाएगा भाभी अभी निकल जाएगा..

और माँ को दिखा दिखा कर कचाकच मुठ मारने लगा और चिल्लाने लगा. भाभी प्लीज़ थोड़ा हाथ लगाइए ना. माँ न ना करने लगी और बोली जल्दी निकाल मुझे देरी हो रही है, और माँ ने अंदर हाथ डाला उसका लंड पकड़ा और मुठ मारने लगी और सारा माल उड़ाया…

फिर वह दरवाजे पर पानी मारते मारते मां को बोला कि प्लीज आज रात को १० बजे आईये ना, मेरे ऊपर विश्वास कीजिए. मैं कुछ नहीं करुंगा, प्लीज नहीं तो मैं रात भर सो नहीं पाऊंगा. माँ संडास में घुस गई और दरवाजा बंद किया वह चला गया.

रात १० बजे उसने अपने घर के आगे का लाइट बंद किया और वह चला गया, माँ भी उसके पीछे पीछे चली गई, उसने दरवाजा थोड़ा खोला और मां का हाथ पकड़ के अंदर खीचा और खड़े खड़े माँ को दबाने चूमने लगा. माँ के हाथ में लंड दिया और मां के बूब्स चूसने लगा.

उसने मां को घोड़ी बनाया और पीछे से मां की चूत में लंड डालने लगा मां चिल्लाने लगी औउ अह्ह्ह ईई अह्ह्ह अम्मा मर गई वह खड़े खड़े पीछे से मां को दनादन चोदने लगा. मां दर्द से चिल्लाती रही और वह पीछे से चोदता गया और आखिर उसने मां की चूत में माल गिराया.

कुछ देर बाद मां उठी उसने मां को बोला कल सुबह ५ बजे आईये ना. और मां आई वैसे भी रात भर मां को नींद नहीं आई. सुबह माँ ने देखा मैं गहरी नींद में हूं, वो उठ कर चली गई, दोनों संडास में घुसे, माँ उसका मोटा लंड मुट्ठी में पकड़ कर चूसने लगी,  मां ने साडी ऊपर उठाई वह भी बैठकर मां की चूत चाटने लगा. फिर मां घोड़ी बन गई और वह मां को दनादन चोदने लगा. मां भी पागल हुई थी और कस कस के चुदवा रही थी.

और इसी तरह माने उससे दोबारा चुदवाया. मैं सुबह पेशाब करने उठा, खिड़की से झांक कर देखा तो सामनेवाला संडास से आ रहा था और उसके पीछे मेरी मां थी. मैं कुछ नहीं बोला जा के सो गया, सारा दिन मां की खुशी देखकर मैं समझ गया दाल में कुछ काला है. रात १० बजे मां संडास जाने निकली, मैं समझ गया मैं संडास के पास गया. अंदर लाइट थी बाहर अंधेरा था. मैंने झांक के देखा वो माँ को धन धना धन चोद रहा था.

मा भी धक्के मार रही थी, उसका लंड बहुत ही मोटा था लंबा था और बहुत देर तक  चोद रहा था. जैसे ही पानी निकल गया और जैसे ही वह दोनों बाहर आए, उन्होंने मुझे देखा. हम घर आए दोनों माफी मांगने लगे. फिर मैंने बोला ठीक है जब आपकी बीवी आएगी तो में चोदुंगा. वह तैयार हुआ और वह मेरी मां को चोदने लगा.

कभी वह मुझे बीवी की फोटो दिखाता कभी लेटर, इसी तरह एक महीना गया. बाद में वह बोलने लगा लेटर दिखाने लगा कि उसकी मां की तबीयत ठीक नहीं होने से मेरी बीवी दो महीने बाद आएगी. कभी वह मुझे बीवी की सेक्सी फोटो दिखाता में आशा पर था.

वह एक दिन आएगी मैं उसकी चुदाई करुंगा अब ३ महीने हुए. मां को उलटिया आने लगी. मां ने मुझे कभी नहीं बोला. और करीब ५ महीना लगातार दिन रात वह मेरी मां को चोदता रहा और एक दिन अचानक गायब हुआ. कंपनी में पूछने से मालूम पड़ा की वह शादीशुदा नहीं था. वह चला गया मा रोने लगी थी, मैंने पूछा क्यो रोती है?

मां बोली मैं ४ महीने पेट से हूं, यह सुनकर हैरान हुआ. यह होना ही था. मां को भी चुदाई की लत लगी थी और वह बहुत ही तगड़ा था, पर करेगा तो क्या करेगा? लोगों को मालूम पड़ेगा तो समझेंगे बेटे से चुदवाया होगा.

फिर हम सब प्रॉपर्टी बेचकर मुंबई आ गए. सब को बोले मेरे पापा ने मां को तलाक दिया और कुछ महीने बाद मा को लड़की हुई. इस दरमियान मुझे फिल्म स्टूडियो में जॉब मिला कुछ महीने बाद माँ को भी फिल्म लाइन में एक्स्ट्रा का जोब मिला. अब माँ कईओ से चुदवाने लगी. कई बार मेरी भी इच्छा होती थी माँ को चोदने की. मा भी मेरे मन की बात समझती थी.

एक दिन मा ने डायरेक्टर से शादी कि अब मैं अलग रहने लगा हूं. मेरी अभी तक शादी नहीं हुई है. मैंने अब तक बहुत लड़की और औरतो को चोदा था पर मां को चोदने की इच्छा मेरी अधूरी रह गयी. मैंने बहुत ट्राई किया पर माँ ने मुझे चोदने नहीं दिया. आज भी मैं मां की नंगी चुदाई की फोटो देख देख के मुठ मारता हूं.

काश उस दिन वो आदमी ५  मिनट लेट आता मैं  माँ को जरूर चोदता. तब मां की भी इच्छा हुई थी. अब मेरी मां करीब ५०  की हुई है और तगड़े तगड़े लौंडो से चुदवाती है. लगभग इंडिया के सारे लोगों उसे पहचानते हैं वह कई टीवी  सीरियल में काम करती है उसे देखकर कई लोग आज भी मुठ मारते हैं.


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